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सूरत : व्यापार के लिए जीएसटी बेहतर, अपने शर्तों पर कारोबार करें कपड़ा व्यापारी


सूरत के रिंग रोड स्थित जय महावीर टैक्सटाइल मार्केट की दुकान नंबर 207 में पीपी टेक्सटाइल के नाम से कपड़े का कारोबार करते अशोक गोयल बताते हैं कि विगत कुछ महीनों से कपड़ा मार्केट में मंदी के साथ-साथ मनी क्राइसिस बनी हुई हुआ है, लेकिन मार्केट की सबसे बड़ी समस्या फर्जी एजेंट, जीआर एवं लेट पेमेंट है। इस पर व्यापारिक संगठनों को विचार करना चाहिए। माल बिक्री के चार-पांच महीने बाद जब पेमेन्ट भेजने का समय होता है तो व्यापारी गुड्स रिटर्न भेज देता है। सूरत में तकरीबन 150 मार्केट्स एवं 80000 व्यापारी हैं। हाल में बहुत ही धीमी गति से व्यापार चल रहा है। 

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 सहूलियत के साथ-साथ अपराध भी बढ़ रहे हैं

साइबर क्राइम के बारे में अशोक गोयल बताते हैं कि डिजिटल पेमेंट से लेन देन बहुत सरल हो गया है, लेकिन फ्राड की शिकायतें भी बहुत आ रही हैं। सहूलियत के साथ-साथ अपराध भी बढ़ रहे हैं। कभी-कभी कंप्यूटर हैक करने की भी घटनाएं सामने आती है, लेकिन डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देना समय की मांग है। डिजिटल लेनदेन बहुत ही सतर्क होकर करने की जरूरत है।

जीएसटी के बारे में बताते हुए अशोक गोयल कहते हैं कि जीएसटी के बाद अकाउंट परफेक्ट हो गया है, फाइल मजबूत हो गई है, साथ ही व्यापार सुरक्षित हो गया है। हालांकि कुछ समय के लिए कुछ पूंजी ब्लॉक हो जाती हैं। लेकिन व्यापार एवं देश की तरक्की के लिए जीएसटी बेहतर है। जीएसटी लागू होने से तकरीबन 50 प्रतिशत धोखाधड़ी के मामले में कमी आई है।

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जीएसटी परफेक्ट नहीं है तो ऐसे व्यापारियों के साथ व्यापार करना रोक देना चाहिए

अशोक गोयल बताते हैं कि जीएसटी से व्यापार में पारदर्शिता आई है। व्यापारी चाहे तो सामने वाले व्यापारी की व्यापारिक स्थिति एवं व्यापार का टर्नओवर देखकर उसकी स्थिति भांप सकता है। यदि किसी भी व्यापारी का जीएसटी परफेक्ट नहीं है तो ऐसे व्यापारियों के साथ व्यापार करना रोक देना चाहिए। जीएसटी से उसी व्यापारी को दिक्कत हो रही है जो पूरी तरीके जीएसटी को समझ नहीं पाया है अथवा मैनेज नहीं करना चाहता। अशोक गोयल बताते हैं कि जीएसटी से वो व्यापारी दुखी है जो प्राफिट के साथ-साथ जीएसटी की भी राशि हजम करना चाहते हैं। जीएसटी एवं डिजीटल पेमेन्ट से भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगा। सतर्क रहने की जरुरत है। व्यापार के लिए जीएसटी बेहतर, अपने शर्तों पर कारोबार करें कपड़ा व्यापारी।

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