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सूरत : भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच मुक्त व्यापार समझौते के भाग स्वरूप हीरों की पहली खेप रवाना


केंद्र सरकार ने भारत की अर्थ व्यवस्था को पांच ट्रिलियन डॉलर तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा है। इस क्रम में व्यापार से जुड़ी विदेश नीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। विभिन्न देशों के साथ नीतियों में बदलावा हो रहे हैं जिससे निर्यात को अधिकतम गति मिल सके। युएई और दक्षिण कोरिया के बाद तीसरे विकसीत देश ऑस्ट्रेलिया के साथ मुक्त व्यापार के तहत सूरत से हीरे के कन्साईन्टमेन्ट को हरी झंडी दिखाई गई। 

ऑस्ट्रेलिया जाने वाले माल पर 5 प्रतिशत शुल्क समाप्त

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच ईसीटीए समझौते से भारत से ऑस्ट्रेलिया जाने वाले माल पर भारी राहत मिली है। भारत से ऑस्ट्रेलिया जाने वाले सामान पर पहले पांच प्रतिशत शुल्क लगता था, जिससे निर्यात महंगा हो जाता था। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा था क्योंकि भारतीय वस्तुओं पर निर्यात शुल्क अन्य देशों की तुलना में अधिक था। लेकिन इस समझौते के बाद देश के निर्यात को बहुत बड़ा लाभ मिलेगा। 

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मुक्त व्यापार के लिए एक ऐतिहासिक दिन

भारत सरकार द्वारा लगातार निर्यात के लिए अन्य देशों से नए समझौते किए जा रहे हैं। भारतीय उद्योग जगत के लिए आज 29 दिसंबर 2022 का दिन ऐतिहासिक है। मुक्त व्यापार नीति आगे बढ़ रही है। अभी भारत से जो उत्पादन जा रहा था उसमें भारी वृद्धि होने की संभावना है। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच मुक्त व्यापार नीति पर प्रगति हो रही है। इससे सभी उद्योगों को काफी लाभ होने की पूरी संभावना है। निर्यात के लिए मूल प्रमाण पत्र बहुत महत्वपूर्ण होता है। कुछ ही मिनटों में निर्यातक को यह प्रमाणपत्र मिल जाएगा और यह सीमा शुल्क विभाग को भी दे दिया जाएगा। इससे प्रक्रिया बहुत कम समय में पूरी हो जाएगी।

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सूरत से आभूषण उत्पाद ऑस्ट्रेलिया भेजना आसान

खासकर सूरत जैसे शहर में जहां हीरों का निर्माण हो रहा है और आभूषण भी बन रहे हैं, रफ डायमंड पोलिशिंग और फिर ज्वेलरी का हब बनने वाला सूरत शहर सीधे दूसरे देशों को जल्दी एक्सपोर्ट कर सकेगा। सूरत से हीरा उद्योग के लिए आभूषण सहित उत्पाद जो अब तेजी से निर्मित किए जा रहे हैं, उनको ऑस्ट्रेलिया भेजना आसान हो जाएगा।

केंद्र सरकार के 5 लाख करोड़ के टारगेट को जल्द पूरा किया जाएगा

डीजीएफटी के संयुक्त निदेशक अभिमन्यु शर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा औद्योगिक नीतियों में लिए जा रहे फैसलों से काफी मदद मिलेगी। ऑस्ट्रेलिया और भारत के बीच हुए इस समझौते के कारण भारत वर्तमान में 300 मिलियन डॉलर का निर्यात कर रहा है जो 2027 तक बढ़कर 800 मिलियन डॉलर हो जाएगा। यह अन्य देशों की तुलना में हीरे सहित वस्त्र और अन्य विनिर्माण उत्पादों का निर्यात करने की उम्मीद है।

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स्वर्ण जड़ित आभूषण सौंप कर खुशी हुई : सलीम दागीनावाला

सलीम दागीनावाला ने कहा कि केंद्र सरकार जिस दिशा में काम कर रही है, उससे उद्योग जगत को भारी लाभ मिल रहा है। आज मेरा सौभाग्य है कि मैं सूरत से पहला गोल्ड स्टडेड आस्ट्रेलिया भेज रहा हूं। अच्छी बात यह है कि जो भी सर्टिफिकेट की प्रक्रिया है वह बहुत जल्दी हो जाती है उससे हमारी परेशानी भी कम हो जाती है। सरकार जिस तरह के कदम उठा रही है उससे एक बार तो साफ हो गया है कि आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अन्य देशों की तुलना में भारत का निर्यात सभी क्षेत्रों में बढ़ने वाला है और हम वैश्विक स्तर पर अपनी एक अलग पहचान बनाने जा रहे हैं।

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