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सूरत : अंगदान से चमका नया साल, 6 लोगों को मिला नया जीवन


अंगदान के लिए देश-दुनिया में मशहूर सूरत से एक और मामला सामने आया है। साल 2022 के आखिरी दिन एक 18 साल के युवक का हार्ट, किडनी, लिवर और आंख डोनेट की गई है। अंकलेश्वर के एक 17 साल के लड़के में 18 साल के लड़के का दिल धड़कने लगा है। साथ ही, सूरत के छह लोगों को नए अंग मिले हैं।

हीरल विजयभाई महिडा उम्र 18 के परिवार ने ब्रेन डेड हीरल का दिल, किडनी, लिवर और आंखें छह लोगों को दान कर मानवता की महक फैलाकर समाज को एक नई दिशा दिखाई है। किरण अस्पताल से समय पर दिल महावीर अस्पताल पहुंचाने के लिए सूरत शहर पुलिस द्वारा ग्रीन कॉरिडोर बनाया था।

बाइक से स्लीप हो जाने के बाद उसे ब्रेन डेड घोषित किया

एसएमसी क्वार्टर, सुभाष गार्डन के पास, डॉक्टर पार्क के बगल में, मोराभागल, रांदेर रोड, सूरत निवासी हीरल 29 दिसंबर को मधुवन सर्कल के एलपी सवानी रोड के पास प्रो-बाबर सैलून में काम करने के लिए घर से जा रहा था, तभी उसकी मोटरसाइकिल सुबह 10.30 बजे राम नगर सर्कल के पास बीआरटीएस बस स्टैंड के पास से गिर गई। बाइक सवार जब स्लीप हुआ तो सिर में गंभीर चोट लगने से वह बेहोश हो गया। उसे तुरंत पास के लाइफलाइन अस्पताल में भर्ती कराया गया। डायग्नोस्टिक सीटी स्कैन के दौरान ब्रेन हेमरेज का पता चला था। परिजनों ने उसे आगे के इलाज के लिए किरण अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां 30 दिसंबर को न्यूरोसर्जन डॉ. भौमिक ठाकोर, डॉ. धीरेन हाडा, न्यूरोफिजिशियन डॉ. हीना फलदू, इंटेंसिविस्ट डॉ. दर्शन त्रिवेदी, चिकित्सा निदेशक डॉ. मेहुल पांचाल ने हीरल को ब्रेन डेड घोषित कर दिया।

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स्मीमेर अस्पताल में सफाई कर्मचारी ने ब्रेन डेड बेटे का अंगदान किया

इंदौर में अंगदान के लिए काम करने वाली संस्था मुस्कान के जीतूभाई बेगानी ने फोन से डोनेट लाइफ से संपर्क किया और हीरल के ब्रेन डेड होने की जानकारी दी। डोनेट लाइफ की टीम अस्पताल पहुंची। चिकित्सा निदेशक डॉ. मेहुल पांचाल हीरल के पिता विजयभाई, मां अल्काबेन, बेन रिया, बहनोई सुनील भारुडकर, गजानंद इंगले और उनके परिवार के अन्य सदस्यों के साथ गए और अंगदान के महत्व और इसकी पूरी प्रक्रिया के बारे में बताया। हीराल के माता-पिता अलकाबेन और विजयभाई ने कहा कि हम एक बहुत ही सामान्य परिवार के है। हम जीवन में कुछ भी दान नहीं कर सकते, हमारा बेटा ब्रेन डेड हो गया है और उसकी मृत्यु निश्चित है, जब शरीर जलकर राख होने वाला है, तो कृपया अंग दान करके अंग विफलता के रोगियों को नया जीवन देने के लिए आगे बढ़ें। हीरल के पिता स्मीमेर अस्पताल में सफाई कर्मचारी का काम करते हैं।

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परिवार की सहमति के बाद अंगदान किया गया

परिवार से अंगदान के लिए सहमति मिलने के बाद सोट्टो से संपर्क किया गया। सोट्टो ने दिल सूरत के महावीर अस्पताल को किडनी और सूरत के किरण अस्पताल को लिवर आवंटित किया। सूरत के महावीर अस्पताल के डॉ. नीरज कुमार, डॉ. संदीप सिन्हा, डॉ. जसवंत पटेल और उनकी टीम ने आकर ह्रदय का दान स्वीकार किया।  लिवर और किडनी डोनेशन को किरण अस्पताल ने स्वीकार किया।

किरण अस्पताल के डॉ. धर्मेश धनानी, डॉ. सुनील कुमार सिंह, डॉ. अनुराग श्रीमल, डॉ. गौरव पटेल, डॉ. मितुल शाह, डॉ. प्रशांत राव, डॉ. कल्पेश गोहिल, डॉ. धर्मेश नामा, डॉ जिग्नेश घेवरिया, डॉ प्रमोद पटेल, डॉ मुकेश अहीर और उनकी टीम ने स्वीकार किया। डॉ. संकेत शाह ने नेत्रदान स्वीकार किया।

हृदय सहित अंगों का दान

सूरत के महावीर अस्पताल में अंकलेश्वर के 17 वर्षीय युवक में डोनेशन से हार्ट ट्रांसप्लांट अन्वय मुले, डॉ. जगदीश मांगे और उनकी टीम द्वारा किया गया। दान किए गए लीवर का प्रत्यारोपण भरूच के 34 वर्षीय व्यक्ति में, गुर्दा प्रत्यारोपण सूरत के 49 वर्षीय व्यक्ति में, दूसरा गुर्दा का प्रत्यारोपण सूरत में 61 वर्षीय महिला में किरण अस्पताल सूरत में किया गया। किरण अस्पताल, सूरत में दो जरूरतमंद मरीजों में दान की गई आंखों का प्रत्यारोपण डॉ. संकित शाह द्वारा किया जाएगा।

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ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया 

समय पर किरण अस्पताल से महावीर अस्पताल तक हार्ट पहुंचाने के लिए सूरत सिटी पुलिस के सहयोग से ग्रीन कॉरिडोर का निर्माण किया गया। उल्लेखनीय है कि किडनी, लिवर, हार्ट, फेफड़ा, हाथ जैसे महत्वपूर्ण अंगों को समय पर देश के विभिन्न शहरों में पहुंचाने के लिए सूरत पुलिस द्वारा अब तक ग्रीन कॉरिडोर बनाए गए हैं।

सूरत से 43वां ह्रदयदान

डोनेट लाइफ ने सूरत से 43 दिल दान किए हैं। सूरत से दान किए गए हृदयों को देश के विभिन्न शहरों जैसे दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, इंदौर और अहमदाबाद में प्रत्यारोपित किया गया है। इसके अलावा अंगदान के क्षेत्र में भी सूरत ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी एक अलग पहचान बनाई है। सूरत से दान किए गए दिल यूक्रेन, यूएई और रूस के नागरिकों को मुंबई और चेन्नई के अस्पतालों में प्रत्यारोपित किए गए। टेक्सटाइल और डायमंड सिटी के नाम से मशहूर सूरत अब देश में ऑर्गन डोनर सिटी के तौर पर मशहूर हो रहा है।

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