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सुमुल डेयरी के खिलाफ फिर विरोध के स्वर, लाभ पंचमी पर दूध बंद करने की धमकी


सुमुल डेयरी तापी एवं सूरत जिले के लिए जीवन रेखा के समान है

 सुमुल डेयरी तापी एवं सूरत जिले के लिए जीवन रेखा के समान है। तापी और सूरत जिले के कुल 2.50 लाख सदस्य इस डेयरी पर काम कर रहे हैं, लेकिन अब लगता है कि ये ढाई लाख सदस्य सुमुल डेयरी से नाराज हैं और सुमूल के खिलाफ लगातार बैठकों का दौर चल रही हैं। इन सभाषदों ने कुल 8 मांगों को लेकर सुमुल डेयरी से फिलहाल नाराज चल रहे हैं। बता दें कि सुमुल डेयरी फिलहाल सूरत-तापी को छोड़कर महाराष्ट्र से दूध लेती है और आज अंतरराज्य से दूध आने से परेशानी हो रही है। इन समस्याओं को लेकर एसोसिएशन के अध्यक्षों ने लाभ पांचम के दिन से ही दूध बंद करने को लेकर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। 

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मंडलियों पर बढ़ा है बोझ

सुमुल डेयरी एक सहकारी संस्था है, लेकिन दुग्ध संघ के अध्यक्षों का आरोप है कि अब सुमुल डेयरी में अंग्रेजों जैसी तानाशाही है। सुमुल डेयरी को ठेकेदारों को सौंप दिया गया है, एक समय था जब सुमुल डेयरी एक एमडी और तीन प्रबंधकों द्वारा चलाया जाता था। लेकिन आज एक एमडी और लगभग 25 प्रबंधक और प्रत्येक मैनेजरों के पीए हैं, जिनकी तनख्वाह लाखों में है, जिनका बोझ सभाषदों पर पड़ रहा है। 

पिछले 2 वर्षों में सुमुल डेयरी ने पशुपालकों के लिए 10 रुपये प्रति लीटर की कीमत में वृद्धि की है, लेकिन इसके मुकाबले सुमुल डेयरी दूध, अन्य दूध उत्पादों  से प्रति वर्ष लगभग 750 करोड़ रुपये कमाती है। जिसके एवज में केवल 200 रुपये चुकाती है। तो बाकी पैसा कहां जाता है, एसोसिएशन के अध्यक्ष  सवाल उठा रहे हैं।

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लाभ पांचम को दूध बंद करने की धमकी

तापी व सूरत जिला सभाषदों की कुल 8 मांगें हैं, जिसमें से एक भी मांग स्वीकार नहीं किये जाने पर 15 दिन पहले सूरत व तापी जिला सभाषदों ने सूरत सुमुल डेयरी पर विरोध प्रदर्शन किया था। तब सूमूल संचालकों द्वारा पशुपालकों को सात दिन में बोर्ड की मीटिंग बुलाकर समस्या का निराकरण करने का आश्वासन दिया था। हालांकि इस बात को 15 दिन बीत जाने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं होने से पशुपालक फिर नाराज हैं। इसलिए लाभ पांचम के दिन से उग्र आंदोलन और दूध बंद करने की धमकी दे रहे हैं।

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