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शशांक तंबोली का सबसे कम उम्र में सीए, सीएस और सीएमए बनने का रिकोर्ड


सूरत में सीए, सीएस, सीएमएस मार्गदर्शक रवि छावछरिया ने आर्थिक रूप से कमजोर मगर पढाई में तेजस्वी छात्रों के लिए सीए स्टार प्रोग्राम शुरू किया है। इसी सीए स्टार प्रोग्राम अंतर्गत रिक्शा चालक के बेटे शशांक तंबोली ने में महज 20 साल की उम्र में सीए, सीएस और सीएमएस की डिग्री हासिल करने वाले पहले भारतीय बनकर लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में जगह बनाई। जून 2021 में सीए बनने के बाद अब शशांक इन्फोसीस में सीए के बेज पर 10 लाख के पेकेज पर जोब कर रहा है। सीए,सीए, सीएमए बनने के बाद शशांक अब युपीएससी की तैयारी में जुट गया है अब शशांक का सपना आईएएस बनना है। शशांक ने सीएस में ऑल इन्डिया 4 रेन्क और सीएमए में समग्र देश में 13वां रेन्क प्राप्त किया है। 

भीलवाडा से सीए स्टार प्रोग्राम में जुडा था शशांक

एक और मध्यम वर्ग के बच्चे ने सूरत शहर को गौरवान्वित किया है। एक रिक्शा चालक के बेटे शशांक तंबोली ने महज 20 साल की उम्र में सीए, सीएस और सीएमएस की डिग्री हासिल की है। इतना ही नहीं इतनी कम उम्र में यह डिग्री हासिल करने वाले वे भारत के पहले युवा बन गए हैं। इस उपलब्धि के लिए शशांक को लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में भी जगह मिलेगी। अपने बेटे की इस उपलब्धि को देखकर पिता की आंखों में आंसू आ गए और वह बहुत खुश हुए।

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शशांक तंबोली राजस्थान के भीलवाड़ गांव के एक साधारण परिवार से ताल्लुक रखते हैं और किराए का मकान में रहते थे। उनके पिता ने ऑटो रिक्शा चलाकर जीविकोपार्जन किया। उन्होंने एक सरकारी स्कूल में कक्षा 12 तक की पढ़ाई की। कक्षा 12 में 89 प्रतिशत अंक के साथ डिस्ट्रीक्ट टॉप रहा था। 15 साल की उम्र में शशांक ने सी. ए. बनने का सपना देखा और उन्हें साकार करने के लिए काम करना शुरू कर दिया। 15 साल की उम्र में उन्होंने सूरत के सीए रवि छावछरिया के सीए स्टार निःशुकल कार्यक्रम में सीए की पढ़ाई का चयन किया और प्रशिक्षण शुरू किया।

आर्थिक रुप से कमजोर बच्चो को सहयोग देता है रवि छावछरिया का सीए स्टार प्रोग्राम

रवि छावछरिया हर साल सीए स्टार कार्यक्रम आयोजित करते हैं जिसमें आर्थिक रूप से कमजोर मगर पढाई में तेज हो ऐसे बच्चों के लिए सूरत में निःशुल्क कोचिंग, टिंचिंग, बोर्डिंग, लोजिंग की सुविधा देते है। सूरत, गुजरात, महाराष्ट और राजस्थान से हर साल 40 से 45 बच्चों का चयन करता है जो इस डिग्री को हासिल करने के लिए आर्थिक रूप से सक्षम नहीं हैं। शशांक तंबोली भी रवि छावचरिया के सीए स्टार प्रोग्राम में चयनीत हुए और उन्हें सूरत निःशुल्क आवास, भोजन और पढाई की सुविधा प्रदान की गई। मेघावी बच्चे फीस के कारण पीछे न रहें इस उदेश्य से सीए स्टार प्रोग्राम शुरू‌ किया है और शशांक भी इन्हीं बच्चों में से एक है। जिसने आज न केवल अपना बल्कि अपने माता-पिता और शहर का नाम रोशन किया है

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15 साल की उम्र से शुरू की तैयारी

15 साल की उम्र में बच्चे को इस बात की समझ भी नहीं होती है कि उसे आगे कहां और किस विषय में दिलचस्पी है। इस उम्र में शशांक ने सीए की पढ़ाई शुरू कर दी थी। आज लोग अपने बच्चों को महंगे महंगे स्कूलों में पढ़ा रहे हैं।  माता-पिता मानते है की अच्छी स्कूल में पढ़कर ही बच्चा होशियार बन सकता है, यह एक मिसाल है कि बच्चा किसी भी स्कूल में शिक्षा लेकर आगे आ सकता है। बस जरूरत है बच्चे की इच्छा की। मां घर पर काम करती है और पिता रिक्शा चलाते हैं। और लाफस्टाइल के बीच भी बिना किसी अतिरिक्त सुविधा के इस युवक ने बहुत ही कम उम्र में अपने बड़े सपने को साकार कर दिया। हर पढ़ने वाले और आर्थिक रूप से पिछड़े बच्चे के लिए समाज में एक महान उदाहरण स्थापित किया गया है कि सच्ची मेहनत से ज्ञान प्राप्त करने के रास्ते में कोई बाधा नहीं आती है।

शशांक का अब युपीएससी क्रेक करके आईएएस बनने का सपना

शशांक ने कहा की उसने आर्थिकरूप से कमजोर होने की कठीन स्थिति में सीए स्टार प्रोग्राम अंतर्गत रवि छावछरिया सर के मार्गदर्शन और सहयोग से सीए, सीएस और सीएमएस की डीग्री प्राप्त कर ली है। अब वह इंफोसीस में सीए के बेज पर सालाना 10 लाख के पेकेज पर जोब कर रहा है। अब आर्थिक स्थिति अच्छी है तो वह अब युपीएससी क्रेक करके आईएएस बनने का सपना देख रहा है। आईएएस बनने के लिए उसने युपीएससी की तैयारी भी शुरू कर दी है। 

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देश के इतिहास में सबसे कम उम्र का सीए, सीएस, सीएमए

रवि छावछरिया ने जानकारी देते हुए कहा कि शशांक तंबोली का जन्म 15 नवंबर 2001 को हुआ था। उसने कक्षा 12 राजस्थान के भीलवाडा से उत्तीर्ण की थी उसके बाद सूरत में जून 2017 में सीए सीपीटी , मई 2018 में इंटरमिडियट और जूलाई 2021 में सीए फाईनल परिक्षा पास की थी। इसी के साथ सीएस प्रोफेशनल 2021 में और 2020 में सीएस एक्जीकीटीव में एआईआर 4 रेन्क प्राप्त किया था। जून 2019 में सीएमए इन्टरमिडिएट में एआईआर 28 तथा जून 2022 में सीएमए फाईनल में एआईआर 13 रेन्क प्राप्त किया है। शशांक को सीए, सीए और सीएमए बनने के लिए मात्र 20 साल और 6 महिने लगे जबकी इससे पूर्व मेरे ही छात्र र का 21 वर्ष 8 महिने का रिकोर्ड था। 

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