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भारत : सर्वाइकल कैंसर की गंभीरता को देखते हुए लड़कियों के लिए विद्यालय में ही वैक्सीन लगाने की व्यवस्था करने जा रही है सरकार


वैश्विक स्तर पर सबसे ज्यादा भारत में सर्वाइकल कैंसर के कारण मौत होती हैं। भारत में महिलाओं को होने वाले कैंसर में सर्वाइकल कैंसर का स्थान दूसरे नंबर पर है। भारत में एक साल में 80,000 महिलाओं की मौत सर्वाइकल कैंसर से हो जाती है। ऐसे में केंद्र सरकार ने सर्वाइकल कैंसर के रोकथाम के लिए अहम फैसला लेने रही है। हाल ही में मिली जानकारी के अनुसार देश के वैज्ञानिकों ने बड़ी उपलब्धता हासिल करते हुए सर्वाइकल कैंसर के इलाज के लिए एचपीवी वैक्सीन तैयार कर ली है और जल्द ही ये 9 से 14 साल की लड़कियों को दी जाएगी। अब ऐसा बताया जा रहा है कि केंद्र सरकार स्कूल जाने वाली छात्राओं को विद्यालय में ही वैक्सीन लगाने जा रही है।

ये है सर्वाइकल कैंसर के टीकाकरण के लिए सरकारी योजनाएं

आपको बता दें कि इस बारे में मिल रही जानकारी के अनुसार जिस विद्यालयों में लड़कियों की तादाद ज्यादा है या जो सिर्फ लड़कियों के लिए खास विद्यालय है सबसे पहले उन स्कूलों में सर्वाइकल कैंसर की वैक्सीन दी जाएगी। इस समय जो लड़कियां स्कूल नहीं आ पाए या आ सकेंगी तो वो नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर वैक्सीन लगवा सकती हैं। साथ ही स्कूल न जाने वाली 9 से 14 साल की लड़कियों को सामुदायिक अभियान और मोबाइल टीम के माध्यम से वैक्सीनेशन का हिस्सा बनाया जाएगा। सर्ववैक टीकाकरण अभियान के संचालन का निर्णय राष्ट्रीय तकनीकी सलाहकार समूह (NTAGI) की सिफारिश पर लिया गया है। इस टीकाकरण कार्यक्रम में मानव पैपिलोमावायरस (एचपीवी) वैक्सीन को शामिल करने की भी सिफारिश की गई थी।

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भारत में तैयार किया गया है सर्ववैक वैक्सीन

एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस वैक्सीन को भारत में तैयार किया गया है। माना जा रहा है कि स्वदेश में विकसित इस सर्ववैक वैक्सीन को भारत में 2023 के मध्य तक लॉन्च किया जाएगा। वैक्सीन को ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया ने भी मंजूरी दे दी है। इतना ही नहीं, सरकारी सलाहकार पैनल एनटीएजीआई ने भी इस टीके को सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों में इस्तेमाल की मंजूरी दे दी है। बताया जा रहा है कि 9 से 14 साल की लड़कियों को एक बार का कैच-अप वैक्सीन दिया जाएगा। उसके बाद 9 साल की लड़कियों को भी दिया जा सकता है। और भारत में तैयार इस HPV वैक्सीन की कीमत 200 रुपये तय की गई है।

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राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को लिखा गया पत्र

केंद्रीय शिक्षा सचिव संजय कुमार और केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने सार्वभौमिक टीकाकरण अभियान के संबंध में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को एक संयुक्त पत्र जारी किया है। इन राज्यों और क्षेत्रों के स्कूलों में उचित निर्देशों के साथ एचपीवी टीकाकरण केंद्र स्थापित करने का आग्रह किया गया है।

स्कूलों में समन्वय के लिए नियुक्त किए जाएंगे नोडल अधिकारी

प्रत्येक सरकारी एवं निजी विद्यालय के समन्वय के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने की भी संस्तुति की जाती है। साथ ही उन्होंने टीकाकरण गतिविधि को लेकर 9-14 वर्ष की बालिकाओं की संख्या का डाटा तैयार करने का भी अनुरोध किया है। जिला टीकाकरण अधिकारी को जिला शिक्षा अधिकारी सहयोग करेंगे, साथ ही डीएम के नेतृत्व में टीकाकरण के लिए बनी जिला टास्क फोर्स के प्रयासों का हिस्सा बनाया जाएगा। टीकाकरण के लिए सभी सरकारी और गैर सरकारी स्कूलों के मैनेजमेंट बोर्ड से संपर्क किया जाएगा और उन्हें सहयोग करने के लिए कहा जाएगा। स्पेशल पेरेंट्स टीचर मीटिंग के जरिए स्कूल के टीचर सभी माता-पिता को एचपीवी वैक्सीनेशन के बारे में जानकारी देकर जागरुकता बढ़ाएंगे।

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क्या है ये सर्वाइकल कैंसर

गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर (सर्वाइकल कैंसर) तब होता है जब कोशिकाएं गर्भाशय ग्रीवा (प्रवेश द्वार) के अस्तर में असामान्य रूप से विकसित होती हैं जो निचले गर्भाशय की गर्दन या संकीर्ण हिस्सा होता है। कम उम्र में कई यौन संबंध होने या यौन सक्रिय होने से गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर के विकास की संभावना बढ़ जाती है।

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