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जिले में 125 प्रतिशत हुई बारिश, इस बार सीजन के 109 में से 90 दिन बारिश हुई


सबसे अधिक उमरपाडा तहसिल में 163 प्रतिशत मेघमेहर दर्ज हुई है

इस साल 12 जून को जिले में मेघराजा ने दस्तक दी है। उसके बाद जिले में अब तक बारिश हो रही है। कुल बारिश से 25 फीसदी ज्यादा बारिश हुई है। जिले में अधिक वर्षा होने से कृषि व पेयजल की समस्या का समाधान हो गया तो आने वाला साल अच्छा रहेगा। साथ ही इस साल जिले में 109 दिनों में से 90 दिन बारिश हुई है।

कृषि और पशुपालन जिले के लोगों की मुख्य आजीविका है। इसलिए हमें बारिश पर निर्भर रहना पड़ता है। वर्ष 2022 में मेघराजा ने जिले को आशीर्वाद दिया है। 12 जून 2022 को मेघराजा ने दस्तक दी। जो सितंबर तक हो चुकी है। सितम्बर माह में मानसून विदा हो जाता है। लेकिन इस साल अभी भी मौसम विभाग द्वारा हल्की बारिश की भविष्यवाणी की गई है। 

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औसत 1459 मिमी के मुकाबले 1829 मिमी बारिश हो चुकी

जिले की औसत वर्षा 1459 मिमी है। जिसके मुकाबले 1829 मिमी बारिश हो चुकी है। 12 जून से 30 सितंबर के बीच औसत बारिश से 25 फीसदी ज्यादा बारिश हुई है। यानी जिले में अब तक 125 फीसदी बारिश हो चुकी है। साल 2022 में बरसात के सिजन मे190 दिनों में से 90 दिन बारिश हो चुकी है। जिसमें जुलाई माह में सर्वाधिक वर्षा 62.22 प्रतिशत हुई है।

जून में 9.27 फीसदी, जुलाई में 62.22 फीसदी, अगस्त में 42.55 फीसदी और सितंबर में 11.31 फीसदी बारिश हुई है। जिले के सभी तालुकों में 100 प्रतिशत बारिश हो चुकी है। जिसमें सर्वाधिक वर्षा उमरपाडा तालुका में 163.93 प्रतिशत वर्षा दर्ज की गई है।

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जून से सितंबर तक सिर्फ 19 दिन सूखे थे

सूरत जिले में 12 जून को बारिश शुरू हुई थी। उसके बाद से 30 सितंबर यानी 109 दिनों में से सिर्फ 19 दिन बारिश नहीं हुई। जिसमें जिले के सभी तालुकों में जून में 1 दिन, जुलाई में 4 दिन, अगस्त में 8 दिन और सितंबर में 8 दिन बारिश नहीं हुई।

जिले में 125 फीसदी बारिश लाएगी ये फायदे

जिले के छोटे-बड़े बांध जलाशयों में पानी भर गया , सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी का भंडारण हो चुंका है। पीने के पानी के लिए पर्याप्त पानी का भंडारण उकाई बांध में हुआ। जिले में बोर और सिंचाई योजनाओं को रिचार्ज किया गया । अधिक वर्षा के कारण कृषि में नमी भंडारण क्षमता में वृद्धि हुई है।

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कहीं अत्यधिक वर्षा के कारण यह क्षति हुई

कहीं भारी बारिश के कारण बाढ़ से तटीय कृषि भूमि बह गई । जिले में विभिन्न सड़कों की हालत बिगड़ी, कुछ निचले स्तर के पुल बह गए । भारी बारिश ने निचले स्तर की कृषि फसलों को भी नुकसान पहुंचाया

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