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एनआरआई को पुलिस ने दिया न्याय, लंदन में रहने वाले वृद्ध के घर पर भांजे ने कब्जा किया


सूरत के पुलिस कमिश्नर ने खुद वृद्ध की मदद की और 24 घंटे के अंदर घर का कब्जा वापस दिलाया

सूरत शहर में बुजुर्गों के प्रति पुलिस की संवेदनहीनता का मामला सामने आया है। लंदन में रहने वाले चिखली के एक बुजुर्ग एनआरआई का घर सूरत में रहने वाले उसके भांजे ने कब्जा कर लिया। वरिष्ठ नागरिक न्याय की गुहार लगाने उधना थाने पहुंचे। जहां सूरत के पुलिस कमिश्नर अजय तोमर उधना पुलिस के औचक निरीक्षण के लिए पहुंचे थे। वृद्ध को थाने में चक्कर लागाते देख उन्होंने संवेदना व्यक्त की। एनआरआई दादा की शिकायत पर सूरत के पुलिस आयुक्त ने पुलिस अधिकारी को मामले में तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए। 24 घंटे के भीतर पुलिस अधिकारियों ने शिकायत लेकर दादा को घर लौटा दिया और इंसाफ दिलाया।

पुलिस आयुक्त अजय तोमर उस वृद्ध के संपर्क में आए, जब वह उधना पुलिस के औचक निरीक्षण पर गए थे

मूल रूप से चिखली के रहने वाले रसिकलाल पटेल ( उम्र 70 वर्षीय व्यक्ति) अपने परिवार के साथ लंदन में रहते है। रसिकलाल पटेल ने सूरत के उधना इलाके में साल 2014 में 9 लाख की कीमत में एक घर खरीदा था। रसिकलाल पटेल व्यापार के सिलसिले में सूरत आया था। इस बीच उधना क्षेत्र में निवेश के इरादे से एक घर खरीदा गया। घर बंद करके सूरत में रहने वाले अपने भतीजे को दे दिया। उन्होंने अपना घर 2015 में अनिलकुमार नाम के अपने भतीजे को दे दिया था। रसिकलाल पटेल के भांजे को पारिवारिक रिश्ते में रहने दिया गया। इसलिए उसने अपने चचेरे भाई से घर का किराया या कोई अन्य शुल्क नहीं लिया और घर को मुफ्त में रहने के लिए दे दिया। हालांकि आज जब उनके मामा लंदन से लौटे और पैसे की जरूरत के कारण घर वापस करने की मांग की, तो उन्होंने घर वापस करने से इनकार कर दिया और इस घर पर कब्जा कर दिया गया।

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घर खाली करने के लिए छह लाख रुपये मांगे

16 सितंबर को रसिकलाल पटेल भवन व अन्य अदालती कार्यों के लिए सूरत आए थे। उससे पहले उन्होने अपने भांजे को घर खाली करने का सुझाव दिया। रसिकलाल पटेल के भांजे  अनिल कुमार ने साफ कहा था कि घर खाली करना है तो 6 लाख रुपये देने होंगे। तो रसिकलाल पटेल अपना घर वापस लेने उधना थाने गए। वहीं सूरत के पुलिस कमिश्नर अजय कुमार तोमर उधना थाने का दौरा कर रहे थे।

घर इस शर्त पर दिया गया था कि आपके कहने पर वापस कर दिया जाएगा

70 वर्षीय रसिकलाल पटेल ने बताया कि मेरी बहन की तबीयत खराब होने के कारण साल 2015 में मेरी बहन का उधना में इलाज हुआ था। जिसके लिए मैंने यह घर अपने भांजे को दिया था। फिर मैंने कहा कि जरूरत पड़े तो घर वापस कर देना। मुझे तब तक आपसे कोई किराया या शुल्क नहीं चाहिए। हालांकि, उस समय भांजे ने मामा की बात से सहमत हो गए थे। तो रसिकलाल फिर से लंदन चले गए थे। हालांकि, आज सात साल बाद वह सूरत आए क्योंकि उन्हे पैसे की जरूरत थी और दो महीने पहले, भांजे ने घर वापस करने से साफ इनकार कर दिया। और मकान खाली करने के एवज में छह लाख रुपये की मांग कर मकान पर कब्जा कर लेने की प्रवृत्ति थी।

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पुलिस कमिश्नर ने वृद्ध दादा को दिया इंसाफ

इस बारे में सूरत के पुलिस आयुक्त ने कहा कि सूरत शहर के थाने में पीएसओ कैसे काम करें, इसको लेकर उधना थाने का दौरा किया। उसी समय यह बुजुर्ग रसिकलाल पटेल उधना थाने आए। और उन्हे थाने में आते देखा और उसकी व्यथा और पीड़ा सुनी। इसके बाद पुलिस अधिकारी को मामले को तत्काल प्रभाव से सुलझाने का आदेश दिया गया।

24 घंटे के अंदर हुई वृद्ध के घर की समस्या का समाधान

सूरत के पुलिस आयुक्त ने आगे कहा कि उधना थाने में औचक जांच के दौरान उन्होंने वृद्ध को थाने की सीढ़ियां चढ़ते देखा और उनकी समस्या का समाधान करने का फैसला किया। 4 तारीख को बुजुर्ग को फिर से लंदन जाना था। वह अपना घर पाने के लिए बहुत चिंतित था। इसलिए पुलिस ने स्थानीय पुलिस अधिकारियों को दादा की समस्या का तत्काल समाधान करने का आदेश दिया। पुलिस ने रसिकलाल पटेल के भतीजे को थाने बुलाया और कहा कि उसके खिलाफ अवैध कब्जे और घर की जब्ती का मामला दर्ज करेंगे। और 24 घंटे के भीतर मामा को भांजे से घर वापस दे दिया। 

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4 तारीख को लंदन के लिए वापसी टिकट से पहले घर लेना था

एनआरआई रसिकलाल पटेल ने कहा कि मेरे पास 4 नवंबर को लंदन की वापसी की फ्लाइट का टिकट है। इससे पहले मुझे अपने घर का कब्जा वापस लेना था। जब भांजे ने घर देने से मना कर दिया तो पुलिस से संपर्क करना पड़ा। हालांकि भांजा चाहते थे कि एक बार मामा लंदन चले जायेंगे तो वह घर वापस नहीं मांग सकते, लेकिन पुलिस ने बहुत जल्दी और तेजी से कार्रवाई की। मेरे लंदन जाने से पहले 24 घंटे के भीतर मुझे अपना मकान खाली कर कब्जा दे दिया।

बुजुर्ग एनआरआई ने की पुलिस के काम की सराहना

पुलिस की मध्यस्थता से रसिकलाल पटेल को जब तुरंत घर वापस मिला तो वह सूरत के पुलिस कमिश्नर अजय कुमार का शुक्रिया अदा करने सूरत पुलिस कमिश्नर के दफ्तर पहुंचे। जहां उन्होंने पुलिस कमिश्नर अजय कुमार तोमर से मुलाकात की और उनका विशेष आभार जताया। इसके अलावा रसिकलाल पटेल ने भी सूरत पुलिस के प्रदर्शन की तारीफ की।

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