HomeNewsअंतिम बारिश से दक्षिण गुजरात के किसानों को बड़ा आर्थिक नुकसान

अंतिम बारिश से दक्षिण गुजरात के किसानों को बड़ा आर्थिक नुकसान


किसानों के हाथों में आया निवाला छिन गया, फसल तबाह होने से किसान होंगे बर्बाद : दर्शन नायक

सूरत समेत दक्षिण गुजरात में मौसम की अंतिम बारिश से ठंडक दे रही है, लेकिन बारिश की यह वापसी किसानों के लिए आपदा लेकर आई है। बारिश के कारण धान पकाने वाले किसानों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। संभावना जताई जा रही है कि अधिकांश किसानों के खेतों में खड़ी धान की फसल नष्ट हो जाएगी। माना जा रहा है कि किसानों को भारी नुकसान हुआ है। सरकार तत्काल सर्वे कराकर असरग्रस्त किसानों को आर्थिक पेकेज घोषित करे ऐसी मांग सहकारीता एवं किसान नेता दर्शन नायक द्वारा कि गयी है। 

सरकार तत्काल नुकसानी का सर्वे कराकर किसानों को मुआवजा देः दर्शन नायक

दक्षिण गुजरात में 2 से 3 लाख किसान कृषि पर निर्भर हैं। जिसमें 8 से 12 हजार हेक्टेयर में धान बोया जाता है। एक अनुमान के मुताबिक धान की खेती से किसानों को हर साल 500 करोड़ की आमदनी होती है। हालांकि पिछले 3 साल से हर अक्टूबर में हो रही बारिश से किसानों को नुकसान हो रहा है। 20 फीसदी से ज्यादा खड़ी धान की फसल को नुकसान हो रहा है। ओलपाड़ तालुका समेत सूरत जिले में कहीं धान सड़ने की आशंका है। धान भीगने से मवेशियों के लिए चारे की भी कमी हो जाएगी, जिससे कीमतों में इजाफा होगा। तटीय क्षेत्र के किसानों के अनुसार इसकी कीमत 30 से 35 हजार प्रति हेक्टेयर है। हालांकि, बारिश के कारण किसानों को अक्सर नुकसान उठाना पड़ता है। पिछले 2 साल में सरकार ने 746 रुपये प्रति हेक्टेयर का भुगतान किया है। जिसमें ज्ञात है कि 6387 किसानों को 11 करोड़ 33 लाख 24663 का भुगतान किया जा चुका है। क्योंकि, किसान नेता दर्शन नायक का कहना है कि 33 फीसदी से ज्यादा नुकसान होने पर ही नुकसान का मुआवजा दिया जाता है।

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धान के साथ गन्ना की फसल भी बर्बाद

किसान और सहकारिता नेता दर्शन नायक ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि धान की तरह गन्ने की फसल को भी बारीश से नुकसान पहुंचा है। कृषि प्रधान देश में खेती करना कठिन होता जा रहा है। 1.50 लाख प्रति हेक्टेयर जमीन पर गन्ना की फसल है। अगर सरकार सर्वे कराती है तो उत्पादन लागत का 10 फीसदी भी नहीं मिलता है। गन्ना रोपण के अनुसार अब तक कामरेज शुगर 3861, बारडोली शुगर 19200, चलथान शुगर 12400, सायन शुगर 9200, पंडवई शुगर 2500, कांठा शुगर 1400, कुल 47500 प्लांटेशन हो चुके हैं। सूरत जिले के गन्ना किसान किसानों की ओर से मेरी भावना और मांग है कि राज्य सरकार तत्काल प्रभाव से सर्वे कराकर किसानों को मुआवजा दे। 

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किसानों द्वारा बारिश रुकने की दुआ की जा रही है

बारिश से धान की फसल को नुकसान की आशंका किसानों में फैल गई है। अब अगर अगले दो दिनों में बारिश बंद हो जाती है और गर्मी निकल आती है, तो धान की फसल तैयार हो जायेगी और कटाई होनी है । अगर फसल कट गई है, तो फसल को सूखने का समय मिलेगा। ऐसे में किसान अपनी तैयार फसल को बेच सकें और नुकसान कम हो। वहीं किसान भगवान से प्रार्थना कर रहे हैं कि अब बारिश रुक जाए। इसके अलावा अगर अधिक दिनों तक बारिश होती है तो आम, चीकू जैसी नकदी फसलें भी प्रभावित हो सकती हैं।

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